हास्य व्यंग्य कविता
अपहरण
एक दल के पूरे विधायक
अपहरण के शिकार होते हैं
हँसते हैं,चिकन तंदूरी खाते हैं
स्वयं खुश,घरवाले तक नहीं रोते हैं
गैर राज्य के किसी महल में,या
फाइव स्टार हॉटल में ठहरते हैं
बंद कमरे में सारी सुख सुविधा के साथ
मौज मस्ती करते हैं
स्थिति देख
विदेश यात्रा तक का मौका देते हैं
उनसे सिर्फ,अपनी मर्जी से
एक-एक वोट लेते हैं
पँचायत चुनाव से लेकर
निम्न सदन तक इस तरह बंदोबस्त देखेंगे
सत्ता के लिए बहुमत पाने
धन दौलत के पासे फेकेंगे
कैद होने से
फायदे ही फायदे मिलते हैं
नोटों के बंडल
चेहरे में मुस्कान के फूल खिलते हैं
शर्त में परिवार से दूरी,
और मोबाइल नहीं रखना
किसके साथ हैं
किसी से नहीं बकना
एक विधायक से हमने कहा,"
अज्ञातवास में रहकर
आप क्या पाए?
उन्होंने कहा,"
मंत्री पद के लिए
हमें सपने बस दिखाए गए
सच कहूँ तो
जिनके बारे में सोचा नहीं था,
अंत में वही मंत्री बनाए गए।
राजकिशोर धिरही